गीतबितान पसंद आ रहा है? आर्काइव का समर्थन करें और सदस्य सुविधाएँ अनलॉक करें। सदस्य बनें → गीत / प्रेम और प्रकृति
ओरा अकारणे चञ्चल डाले (ओरा अकारणे चञ्चल)
ora akarane cha nchala dale ora akarane cha nchala
प्रेम और प्रकृति
ओरा अकारणे चञ्चल
डाले डाले दोले वाय़ुहिल्लोले
नवपल्लवदल॥
वातासे वातासे प्राणभरा वाणी शुनिते पेय़ेछे
कखन की जानि,
मर्मरताने दिके दिके आने कैशोरकोलाहल॥
ओरा कान पेते शोने गगने गगने मेघे मेघे कानाकानि,
वने वने जानाजानि।
ओरा प्राणझरनार उच्छलधार झरिय़ा
झरिय़ा वहे अनिवार,
चिरतापसिनी धरणीर ओरा श्यामशिखा होमानल॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
इंटरैक्टिव स्वरलिपि जल्द ही आ रही है।
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
सदस्य बनें →
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले, क्रॉस-एल्बम शफ़ल, डाउनलोड और कास्टिंग के लिए अपग्रेड करें। सदस्य बनें →