পাখি, তোর সুর ভুলিস নে
Pakhi tor sur bhulis
Prem O Prakriti
पाखि, तोर सुर भुलिस ने–
आमार प्रभात हवे वृथा जानिस कि ता।
अरुण-आलोर करुण परश गाछे गाछे लागे,
काँपने तार तोरइ ये सुर जागे–
तुइ भोरेर आलोर मिता जानिस कि ता।
आमार जागरणेर माझे
रागिणी तोर मधुर वाजे जानिस कि
ता।
आमार रातेर स्वपनतले प्रभाती तोर की ये वले
नवीन प्राणेर गीता
जानिस
कि ता॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Paakhi tor sur bhulis ne - Aamar probhat hobe britha jaanis ki ta. Orun-aalor korun porosh gaachhe gaachhe laage, Knaapone taar tor ei je sur jaage - Tui bhorer aalor mita jaanis ki ta. Aamar jaagoraner maajhe Raagini tor modhur baaje jaanis ki ta. Aamar raater swapontole probhati tor ki je bole Nobin praaner gita Jaanis ki ta.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Prem O Prakriti · 100(প্রেম ও প্রকৃতি)
- स्वरबितान खण्ड
- Notation not available
- रचनाकाल
- 1940(১৩৪৭)
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