पागल ये तुइ, कण्ठ भरे
Pagol je tui kantho
विचित्र
पागल ये तुइ, कन्ठ भरे जानिय़े दे ताइ साहस करे॥ देय़ यदि तोर दुय़ार नाड़ा थाकिस कोणे, दिस ने साड़ा– वलुक सवाइ ‘सृष्टिछाड़ा’, वलुक सवाइ ‘की काज तोरे’॥ वल् रे, ‘आमि केहइ ना गो, किछुइ नहि, ये हइ-ना’। शुने वने उठवे हासि, दिके दिके वाजवे वाँशि– वलवे वातास ‘भालोवासि’, वाँधवे आकाश अलख डोरे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Paagol je tui, kantho bhore Jaaniye de taai sahos kore. Dey jodi tor duar naara Thaakis kone dis ne saara - Boluk sobai "srishtichaara", boluk sobai "ki kaaj tore". Bol re "aami kehoi na go, Kichui nohi, je hoi-na". Shune bone utthbe haasi, Dike dike baajbe bnaashi - Bolbe baatas "bhaalobaashi", bandhbe aakash alokh dore.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1925(১৩৩২)
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