गीत / Puja O Prarthana

পিতার দুয়ারে দাঁড়াইয়া সবে

Puja O Prarthana
पितार दुय़ारे दाँड़ाइय़ा सवे   भुले याओ अभिमान।

एसो, भाइ, एसो  प्राणे प्राणे आजि  रेखो ना रे व्यवधान॥

संसारेर धुला धुय़े फेले एसो,   मुखे लय़े एसो हासि।

हृदय़ेर थाले लय़े एसो, भाइ,  प्रेमफुल राशि-राशि॥

नीरस हृदय़े आपना लइय़े   रहिले ताँहारे भुले–

अनाथ जनेर मुखपाने आहा,   चाहिले ना मुख तुले!

कठोर आघाते व्यथा पेले कत  व्यथिले परेर प्राण–

तुच्छ कथा निय़े विवादे मातिय़े   दिवा हल अवसान॥

ताँर काछे एसे तवुओ कि आजि  आपनारे भुलिवे ना।

हृदय़माझारे डेके निते ताँरे  हृदय़ कि खुलिवे ना।

लइव वाँटिय़ा सकले मिलिय़ा    प्रेमेर अमृत
ताँरि–

पितार असीम धनरतनेर  सकलेइ अधिकारी॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

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