गीत / Prem O Prakriti

সন্ন্যাসী, ধ্যানে নিমগ্ন নগ্ন তোমার চিত্ত

Prem O Prakriti
सन्न्यासी,

ध्याने निमग्न नग्न तोमार चित्त।

वाहिरे ये तव लीन हल सव वित्त॥

रसहीन तरु,
  निष्ठुर मरु,

वातासे वाजिछे रुद्र डमरु,

धरा-भाण्डार रिक्त॥

जागो तपस्वी, वाहिरे नय़न मेलो हे। जागो!

स्थले जले फुले फले पल्लवे

चपल चरण फेलो हे। जागो!

जागो गाने गाने      नव नव
ताने,

जागाओ उदास हताश पराने

उदार तोमार नृत्य॥ जागाओ॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

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