सार्थक कर’ साधन
Sarthak karo sadhan
पूजा
सार्थक कर’ साधन,
सान्त्वन कर धरित्रीर विरहातुर काँदन
प्राणभरण दैन्यहरण अक्षय़करुणाधन॥
विकशितकर’ कलिका,
चम्पकवन करुक रचन नव कुसुमाञ्जलिका।
कर’ सुन्दर गीतमुखर नीरव आराधन
अक्षय़करुणाधन॥
चरणपरशहरषे
लज्जित वनवीथिधूलि सज्जित तुमि कर’ से।
मोचन कर’ अन्तरतर
हिमजड़िमा-वाँधन
अक्षय़करुणाधन॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Saarthok karo saadhan, Santon karo dharitrir birohaatur knaadon Praanbhorono doinyoharono akkhoyokarunadhan. Bikoshito karo kolika, Champakban karuk rachon nabo kusumanjolika. Karo sundaro gitomukhoro neerabo aaradhan Akkhayokarunadhan. Charonoparoshoharoshe Lojjito banobithidhuli sojjito tumi karo se. Mochano karo antarotaro Himojorima-baadhan Akkhayokarunadhan.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1905(১৩১২)
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