गीत / नाट्यगीति

शोन्‌ रे शोन्‌ अवोध मन

Shon re shon abodh mon

नाट्यगीति
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शोन् रे शोन् अवोध मन,–

शोन्   साधुर उक्ति, किसे मुक्ति
सेइ सुयुक्ति कर् ग्रहण।

भवेर   शुक्ति भेङे मुक्तिमुक्ता
कर् अन्वेषण,

ओरे   ओ भोला मन॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

लिप्यंतरण

Shon re shon abodh mon, -
Shon   saadhur ukti, kise mukti   sei sujukti kar grohon.
Bhaber   sukti bhenge muktimukta  kar anweshan,
Ore   o bhola mon.