गीत / पूजा

श्रान्त केन ओहे पान्थ

Shranta keno ohe pantho

पूजा
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श्रान्त केन ओहे पान्थ, पथप्रान्ते वसे एकि खेला!

आजि वहे अमृतसमीरण, चलो चलो एइवेला॥

ताँर द्वारे हेरो त्रिभुवन दाँड़ाय़े,

सेथा अनन्त उৎसव जागे,

सकल शोभा गन्ध सङ्गीत आनन्देर मेला॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

लिप्यंतरण

Shraanto keno ohey paantho, pathoprante bose eki khela!
Aaji bohe amritosomirono,   chalo chalo eibela.
Tnaar dware hero tribhubon dnaaraye,
Setha anonto utsob jaage,
Sakol sobha ghandho songeet aanonder mela.