गीत / Puja

যে রাতে মোর দুয়ারগুলি ভাঙল ঝড়ে

Puja
२२०

          ये राते  मोर  दुय़ारगुलि  भाङल झड़े

            जानि  नाइ तो तुमि  एले आमार  घरे॥

        सव ये  हय़े गेल कालो,   निवे  गेल दीपेर आलो,

            आकाश-पाने  हात वाड़ालेम  काहार तरे?।

            अन्धकारे  रइनु पड़े  स्वपन मानि।

            झड़ ये  तोमार  जय़ध्वजा ताइ  कि जानि!

        सकालवेला चेय़े  देखि,   दाँड़िय़े  आछ तुमि ए कि

            घर-भरा  मोर  शून्यतारइ  वुकेर ’परे॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।

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