আঘাত করে নিলে জিনে
Aghat kore nile jine
Puja
२१४
आघत करे निले जिने,
काड़िले मन दिने दिने॥
सुखेर वाधा भेङे फेले तवे आमार प्राणे एले–
वारे वारे मरार मुखे अनेक दुखे निलेम चिने॥
तुफान देखे झड़ेर राते
छेड़ेछि हाल तोमार हाते।
वाटेर माझे, हाटेर माझे, कोथाओ आमाय़ छाड़ले ना-ये–
यखन आमार सव विकालो तखन आमाय़ निले किने॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aaghat kore nile jine, Kaarile mon dine dine Sukher baadha bhenge phele tabe aamar praane ele - Baare baare marar mukhe anek dukhe nilem chine. Tuphan dekhe jharer raate Chherechhi haal tomar haate. Baater maajhe, haater maajhe, kothaao aamaay chhaarle naa-je - Jakhon aamar sab bikalo takhon aamay nile kine.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja · 214(পূজা)
- उप-पर्याय
- Dukkha
- राग
- Iman(ইমন)
- ताल
- Kaharwa(কাহারবা)
- घराना
- Hindustani
- संकलन
- Geetali
- प्रकाशित
- Tatwabodhini Patrika
- स्थान
- Surul
- स्वरबितान खण्ड
- 44
- स्वरलिपि
- Sudhir Chandra Kar
- रचनाकाल
- 10 September 1914(২৫ ভাদ্র ১৩২১)
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