आज श्रावणेर पूर्णिमाते
Aj shraboner purnimate
प्रकृति
आज श्रावणेर पूर्णिमाते की एनेछिस वल्– हासिर कानाय़ कानाय़ भरा नय़नेर जल॥ वादल-हाओय़ार दीर्घश्वासे यूथीवनेर वेदन आसे– फुल-फोटानोर खेलाय़ केन फुल-झरानोर छल। ओ तुइ की एनेछिस वल्॥ ओगो, की आवेश हेरि चाँदेर चोखे, फेरे से कोन् स्वपन-लोके। मन वसे रय़ पथेर धारे, जाने ना से पावे कारे– आसा-याओय़ार आभास भासे वातासे चञ्चल। ओ तुइ की एनेछिस वल्॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aaj shraaboner purnimate ki enechhis bal - Haasir kaanay kaanay bhara nayoner jal. Baadol haawar dirghoshwaase juthiboner bedan aase - Phul photanor khelay keno phul jharanor chhal. O tui ki enechhis bal. Ogo, ki aabeshe heri chnaader chokhe, Phere se kon swapon loke. Mon bose roy pather dhaare, jaane na se paabe kare - Aasha jaawar aabhas bhaase baatase chanchal. O tui ki enechhis bal.
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- अनादिकुमार दस्तिदारअनादिकुमार दस्तिदार1903–1974Singer and teacher, and one of the notable propagators of Rabindrasangeet.
- रचनाकाल
- 1925(১৩৩২)
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