আজি আঁখি জুড়ালো
Aji akhi juralo
आजि आँखि जुड়ाल हेरिय়े मनोमोहन मिलनमाधुरी, युगल मुरति ॥ फुलगन्धे आकुल करे, वाजे वाँशरि उदास स्वरे, निकुञ्ज प्लावित चन्द्रकरे— तारि माझे मनोमोहन मिलनमाधुरी युगल मुरति । आनो आनो फुलमाला, दाओ दोँहे वाँधिय়े । हृदय়े पशिवे फुलपाश, अक्षय় हवे प्रेमवन्धन । चिरदिन हेरिव हे मनोमोहन मिलनमाधुरी युगल मुरति ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aaji aankhi juralo heriye, Aaha aankhi juralo heriye monomohano milanomaadhuri jugelomurati. Phulogandhe aakul kare, baaje bnaashori udaas sware, Nikunjo plaabito chandrokore - Taari maajhe monomohano milanomaadhuri, jugelomurati. Aano aano phulmaala, daao dnohe bnaadhiye. Hridaye poshibe phulopaash, akkhayo habe premobandhano. Chirodin heribo hey monomohano milanomaadhuri jugalomurti.
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- संकलन
- Maayar Khela
- स्वरबितान खण्ड
- 48 (Maayar Khela)
- स्वरलिपि
- Jyotirindranath Tagore
- रचनाकाल
- 1886(১২৯৩)
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