आजि विजन घरे निशीथराते
Aji bijano ghare
पूजा
२०२
आजि विजन घरे निशीथराते आसवे यदि शून्य हाते–
आमि ताइते कि भय़ मानि!
जानि जानि, वन्धु, जानि–
तोमार आछे तो हातखानि॥
चाओय़ा-पाओय़ार पथे पथे दिन केटेछे कोनोमते,
एखन समय़ हल तोमार काछे आपनाके दिइ आनि॥
आँधार थाकुक दिके दिके आकाश-अन्ध-करा,
तोमार परश थाकुक आमार-हृदय़-भरा।
जीवनदोलाय़ दुले दुले आपनारे छिलेम भुले,
एखन जीवन मरण दु दिक दिय़े नेवे आमाय़ टानि॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aaji bijan ghare nishithraate aasbe jodi shunyo haate - Aami taaite ki bhoy maani ! Jaani jaani , bondhu jaani - Tomar aachhe to haatkhaani. Chaawa-paawar pathe pathe din ketechhe konomote, Ekhon samay holo tomar kaachhe aapnake dii aani. Aandhar thaakuk dike dike aakash-andho-kora, Tomaar paros thakuk aamar-hriday-bhora. Jibondolay dule dule aaponare chhilem bhule, Ekhon jibon maron du dik diye nebe aamay taani.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1918(১৩২৫)
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