আজি বহিছে বসন্তপবন
Aji bohiche basantapaban
Puja
३०८ आजि वहिछे वसन्तपवन सुमन्द तोमारि सुगन्ध हे। कत आकुल प्राण आजि गाहिछे गान, चाहे तोमारि पाने आनन्दे हे॥ ज्वले तोमार आलोक द्युलोकभूलोके गगन-उৎसवप्राङ्गणे– चिरज्योति पाइछे चन्द्र तारा, आँखि पाइछे अन्ध हे॥ तव मधुरमुखभातिविहसित प्रेमविकशित अन्तरे कत भकत डाकिछे, ‘नाथ, याचि दिवसरजनी तव सङ्ग हे।’ उठे सजने प्रान्तरे लोकलोकान्तरे यशोगाथा कत छन्दे हे– ओइ भवशरण, प्रभु, अभय़ पद तव सुर मानव मुनि वन्दे हे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aaji bohichhe basontopabono sumando tomari sugandho hey. Kato aakul praan aaji gaahichhe gaan, chaahe tomari paane aanonde hey. Jwale tomar aalok dyulokbhuloke gagono-utsabopraangone - Chirojyoti paaichhe chandro taara, aankhi paaichhe andho hey. Tabo modhuromukhobhaatibihasito premobikoshito antare. Kato bhakoto daakichhe 'Naatho, jaachi diboso rajoni tabo sango hey'. Utthe sajone praantore lokolokaantare jashogaatha kato chhande hey - Oi bhabosharono, probhu abhayopado tabo suro maanobo muni bande hey.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja · 308(পূজা)
- उप-पर्याय
- Utsav
- राग
- Bahaar
- ताल
- Teyora(তেওরা)
- संकलन
- Gaaner Bohi
- स्वरबितान खण्ड
- 23
- स्वरलिपि
- Kangalicharan Sen
- रचनाकाल
- 1886(১২৯৩)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।
इस गीत में कोई गलती दिखी?