আজি এই গন্ধবিধুর সমীরণে (আজি গন্ধবিধুর সমীরণে )
Aji ei gandhobidhur
Prakriti
आजि एइ गन्धविधुर समीरणे कार सन्धाने फिरि वने वने॥ आजि क्षुव्ध नीलाम्वरमाझे एकि चञ्चल त्रन्दन वाजे। सुदूर दिगन्तेर सकरुण सङ्गीत लागे मोर चिन्ताय़ काजे– आमि खुँजि कारे अन्तरे मने गन्धविधुर समीरणे॥ ओगो, जानि ना की नन्दनरागे सुखे उৎसुक यौवन जागे। आजि आम्रमुकुलसौगन्धे, नव पल्लवमर्मरछन्दे, चन्द्रकिरणसुधासिञ्चित अम्वरे अश्रुसरस महानन्दे, आमि पुलकित कार परशने गन्धविधुर समीरणे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aaji ei gandhobidhuro somirane Kaar sondhane phiri bone bone. Aaji khubdho nilambaromaajhe eki chanchalo krandano baaje. Suduro digantero sakoruno songito laage mor chintay kaaje - Aami khnuji kaare antore mone gandhobidhuro somirane. Ogo, jaani na ki nandanoraage Sukhe utsuko joubano jaage. Aaji aamromukulosoughandhe, nabo pallabomarmarochhande, Chandrokiranosudhasinchito ambare oshrusaraso mahanande, Aami pulokito kaar paroshane gandhobidhuro somirane.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Prakriti · 252(প্রকৃতি)
- उप-पर्याय
- Basanta
- ताल
- Tritaal(ত্রিতাল)
- घराना
- Hindustani
- ऋतु
- Barsha(বর্ষা)
- संकलन
- Geetanjali
- स्थान
- Bolpur
- स्वरबितान खण्ड
- 38
- स्वरलिपि
- Bhimrao Shastri
- रचनाकाल
- February 1910(ফাল্গুন ১৩১৬)
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