आजि कोन् सुरे वाँधिव दिन-अवसान-वेलारे
दीर्घ धूसर अवकाशे सङ्गीजनविहीन शून्य भवने।–
से कि मूक विरहस्मृतिगुञ्जरणे तन्द्राहारा
झिल्लिरवे।
से कि विच्छेदरजनीर यात्री
विहङ्गेर पक्षध्वनिते।
से कि अवगुण्ठित प्रेमेर कुण्ठित
वेदनाय़ सम्वृत दीर्घश्वासे।
से कि
उद्धत अभिमाने उद्यत उपेक्षाय़
गर्वित मञ्जीरझङ्कारे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aaji kon sure bnaadhibo dino abosan belare
Deergho dhusar abokaashe songijanobihin shunyo bhabone. -
Se ki muk birahosmriti gunjarane tandrahaara jhillirabe.
Se ki bichchhedorajonir jaatri bihanger pokkhodwonite.
Se ki aboguntthito premer kuntthito bedonay sambrito dirghishwaase.
Se ki uddhato obhimaane udyato upekkhay gorbito monjirojhankare.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें।सभी प्लान देखें →Patreon से साइन इन करें