আজি পল্লিবালিকা অলকগুচ্ছ সাজালো
Aji pallibalika
Prakriti
आजि पल्लिवालिका अलकगुच्छ साजालो
वकुलफुलेर दुले,
येन मेघरागिणी-रचित की सुर दुलालो कर्णमूले।
ओरा चलेछे कुञ्जच्छाय़ावीथिकाय़ हस्यकल्लोल-उछल गीतिकाय़
वेणुमर्मरमुखर पवने तरङ्ग तुले॥
आजि नीपशाखाय़-शाखाय़
दुलिछे पुष्पदोला,
आजि कूले कूले तरल प्रलापे यमुना कलरोला।
मेघपुञ्ज गरजे गुरु
गुरु वनेर वक्ष काँपे दुरु दुरु–
स्वप्नलोके पथ हारानु मनेर भुले॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aaji pollibaalika alokoguchchho saajalo bokulophuler dule, Jeno meghoraaginirochito ki sur dulalo karnomule. Ora cholechhe kunjochchhaayabithikay haasyakallolo-uchhalo gitikay Benumarmaromukharo pabone taronga tule. Aaji niposhaakhay-shaakhay dulichhe pushpodola, Aaji kule kule tarolo prolaape jomuna kalarola. Meghopunjo garoje guru guru, boner bokkho knaape duru duru - Swapnoloke path haaranu monero bhule.
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- पर्याय
- Prakriti · 110(প্রকৃতি)
- उप-पर्याय
- Borsha
- ताल
- Dadra(দাদরা)
- स्वरबितान खण्ड
- Notation not available
- रचनाकाल
- 1937(১৩৪৪)
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