आजि शुभ शुभ्र प्राते
Aji shubho shubro prate
पूजा
४६७ आजि शुभ शुभ्र प्राते किवा शोभा देखाले शान्तिलोक ज्योतिर्लोक प्रकाशि। निखिल नील अम्वर विदारिय़ा दिक्दिगन्ते आवरिय़ा रवि शशी तारा पुण्यमहिमा उठे विभासि॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aaji shubho subhro praate kiba sobha dekhale Shaantiloke jyotirlok prokashi. Nikhilo nilo ambaro bidariya dikdigante Aaboriya robi shoshi taara Punyomohima otthe bibhasi.
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