आकाश हते खसल तारा
Akash hote khoslo tara
प्रकृति
आकाश हते खसल तारा आँधार राते पथहारा॥ प्रभात तारे खुँजते यावे– धरार धुलाय़ खुँजे पावे तृणे तृणे शिशिरधारा॥ दुखेर पथे गेल चले– निवल आलो मरल ज्वले। रविर आलो नेमे एसे मिलिय़े नेवे भालोवेसे, दुःख तखन हवे सारा॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aakas hote khoslo taara aandhar raate pathohaara. Probhat taare khnujte jaabe - dharar dhulay khnuje paabe Trine trine shishirdhaara. Dukher paathe gelo chole - niblo aalo, morlo jwale. Robir aalo neme ese miliye nebe bhaalobese, Dukhho takhon hobe saara.
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- अनादिकुमार दस्तिदारअनादिकुमार दस्तिदार1903–1974Singer and teacher, and one of the notable propagators of Rabindrasangeet.
- रचनाकाल
- 1920(১৩২৭)
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