আকাশ, তোমায় কোন্ রূপে মন চিনতে পারে
Akash tomay kon rupe
Bichitra
आकाश, तोमाय़ कोन् रूपे मन चिनते पारे
ताइ भावि ये वारे वारे॥
गहन रातेर चन्द्र तोमार मोहन फाँदे
स्वपन दिय़े मनके वाँधे,
प्रभातसूर्य शुभ्र ज्योतिर तरवारे
छिन्न
करि फेले तारे॥
वसन्तवाय़ परान भुलाय़ चुपे चुपे,
वैशाखी झड़ गर्जि उठे रुद्ररूपे।
श्रावणमेघेर निविड़ सजल काजल छाय़ा
दिग्दिगन्ते घनाय़ माय़ा–
आश्विने एइ अमल आलोर किरणधारे
याय़ निय़े कोन् मुक्तिपारे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aakash, tomay kon rupe mon chinte paare Taai bhaabi je baare baare. Gahono raater chandro tomar mohano phaande Swapono diye monke bnaadhe, Probhatosurjo shubhro jyotir tarobaare Chhinno kori phele taare. Basontobaay paran bhulay chupe chupe, Boishakhi jhar garji utthe rudrorupe. Shraabanomegher nibiro sajalo kaajalo chhaaya Digdigante ghanay maaya - Aashwine ei amal aalor kiranodhaare Jaay niye kon muktipaare.
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- पर्याय
- Bichitra · 92(বিচিত্র)
- स्वरबितान खण्ड
- Notation not available
- रचनाकाल
- 1926(১৩৩৩)
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