आकाशे आज कोन् चरणेर
Akashe aj kon charoner
प्रेम
११
आकाशे आज
कोन् चरणेर आसा-याओय़ा।
वातासे आज
कोन् परशेर लागे हाओय़ा॥
अनेक दिनेर विदाय़वेलार व्याकुल वाणी
आज उदासीर वाँशिर सुरे के देय़ आनि–
वनेर छाय़ाय़ तरुण चोखेर करुण चाओय़ा॥
कोन्
फागुने ये फुल फोटा हल सारा
मौमाछिदेर
पाखाय़ पाखाय़ काँदे तारा।
वकुलतलाय़ काज-भोला सेइ कोन् दुपुरे
ये-सव कथा भासिय़े दिलेम गानेर सुरे
व्यथाय़ भरे फिरे आसे से गान-गाओय़ा॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aakashe aaj kon charoner aasa-jaawa. Baatase aaj kon parasher laage haawa. Aanek diner bidaybelar byakul baani Aaj udasir bnaashir sure ke dey aani - Boner chhaayay toruno chokher koruno chaawa. Kon phaaguner je phul phota holo saara Moumaachhider paakhay knaade taara. Bokultalay kaajbhola sei kon dupure Je-sab katha bhaasiye dilem gaaner sure Byathay bhore phire aase se gaan-gaawa.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1921(১৩২৮)
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