आमार आँधार भालो, आलोर काछे
Amar adhar bhalo
पूजा
१९४
आमार आँधार भालो, आलोर काछे विकिय़े देवे आपनाके से।
आलोरे ये लोप क’रे खाय़ सेइ कुय़ाशा सर्वनेशे॥
अवुझ शिशु माय़ेर घरे सहज मने विहार करे,
अभिमानी ज्ञानी तोमार वाहिर द्वारे ठेके एसे॥
तोमार पथ आपनाय़ आपनि देखाय़, ताइ वेय़े, मा, चलव सोजा।
यारा पथ देखावार भिड़ करे गो तारा केवल वाड़ाय़ खोँजा।
ओरा डाके आमाय़ पूजार छले, एसे देखि देउल-तले–
आपन मनेर विकारटारे साजिय़े राखे छद्मवेशे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aamar aandhar bhaalo, aalor kaache bikiye debe aapnake se. Aalore je lop kaoe khaay sei kuwasha sarbaneshe. Abujh shishu maayer ghare sahaj mone bihar kare. Obhimaani gyani tomar baahir dwaare theke ese. Tomar path aaponar aaponi dekhay, taai beye, maa, cholbo soja. Jaara path dekhabar bhir kare go taara kebol baaray khnonja. Ora daake aamar pujar chale, ese dekhi deul-tale - Aapon moner bikartare saajiye raakhe chadmobeshe.
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- साहाना देवीसाहाना देवी1897–1990A singer whom Rabindranath held in deep affection, and among the most widely heard voices in Rabindrasangeet; later a disciple of Sri Aurobindo at Pondicherry.
- रचनाकाल
- 1923(১৩৩০)
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