आमार अन्धप्रदीप शून्य-पाने चेय़े आछे
Amar andhopradip shunyo
विचित्र
आमार अन्धप्रदीप शून्य-पाने चेय़े आछे, से ये लज्जा जानाय़ व्यर्थ रातेर तारार काछे॥ ललाटे तार पड़ुक लिखा तोमार लिखन ओगो शिखा– विजय़टिका दाओ गो एँके एइ से याचे॥ हाय़ काहार पथे वाहिर हले विरहिणी! तोमार आलोक-ऋणे करो तुमि आमाय़ ऋणी। तोमार राते आमार राते एक आलोकेर सूत्रे गाँथे एमन भाग्य हाय़ गो आमार हाराय़ पाछे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aamar andhoprodip shunyo-paane cheye aachhe, Se je lajja jaanay byartho raater taarar kaachhe. Lalate taar paruk likha Tomar likhan ogo shikha - Bijaytika daao go enke, ei se jaache. Haay kaahar pathe baahir hole, birohini. Tomar aalok-rine karo tumi aamay rini. Tomar raate aamar raate Ek aaloker sutre gnaathe Emon bhaagyo haay go aamar haaray paachhe.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1935(১৩৪২)
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