एवार तोरा आमार यावार वेलाते (आमार यावार वेलाते - तोरा आमार यावार वेलाते)
Amar jabar belate
पूजा
५९९
आमार यावार वेलाते
सवाइ जय़ध्वनि कर्।
भोरेर आकाश राङा हल रे,
आमार पथ हल सुन्दर॥
की निय़े वा याव
सेथा ओगो तोरा भाविस ने ता,
शून्य हातेइ चलव वहिय़े
आमार व्याकुल अन्तर॥
माला प’रे याव मिलनवेशे,
आमार पथिकसज्जा नय़।
वाधा विपद आछे माझेर देशे,
मने राखि ने सेइ भय़।
यात्रा यखन हवे
सारा उठवे ज्वले सन्ध्यातारा,
पुरवीते करुण वाँशरि
द्वारे वाजवे मधुर स्वर॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aamar jaabar belate Sabai jayodhwoni kar. Bhorer aakash raanga holo re, Aamar path holo sundar. Ki niye ba jaabo setha, ogo tora bhaabis ne ta, Shunyo haatei cholbo bohiye Aamar byakulo antar. Maala pore jaabo milanobeshe, Aamar pothiksojja noy. Baadha bipod aachhe maajher deshe, Mone raakhine sei bhoy. Jaatra jakhon hobe sara utthbe jwole sondhataara, Purobi te korun bnaashori Dwaare baajbe modhur swar.
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- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन ४१(স্বরবিতান ৪১)
- स्वरलिपि
- भीमराव शास्त्री
- रचनाकाल
- 13 April 1912(৩০ চৈত্র ১৩১৮)
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