आमार सकल रसेर धारा
Amar sakol raser dhara
पूजा
आमार सकल रसेर धारा तोमाते आज होक-ना हारा॥ जीवन जुड़े लागुक परश, भुवन व्येपे जागुक हरष, तोमार रूपे मरुक डुवे आमार दुटि आँखितारा॥ हारिय़े-याओय़ा मनटि आमार फिरिय़े तुमि आनले आवार। छड़िय़े-पड़ा आशागुलि कुड़िय़े तुमि लओ गो तुलि, गलार हारे दोलाओ तारे गाँथा तोमार क'रे सारा॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aamar sakol raser dhaara Tomate aaj hok-na haara. Jiban jure laaguk parosh, bhubano bepe jaaguk harosh, Tomar rupe moruk dube aamar duti aankhitaara. Haariye-jaawa monti aamar Phiriye tumi aanle aabar. Chhoriye-para aashaguli kuriye tumi lawo go tuli, Galar haare dolao taare gnaatha tomar kore saara.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 26 August 1914(১০ ভাদ্র ১৩২১)
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