आमारे डाक दिल के भितर-पाने
Amare dak dilo ke
विचित्र
आमारे डाक दिल के भितर-पाने–
ओरा ये
डाकते जाने॥
आश्विने ओइ शिउलिशाखे
मौमाछिरे येमन डाके
प्रभाते सौरभेर गाने॥
घरछाड़ा आज घर पेल
ये,
आपन मने रइल म’जे।
हाओय़ाय़ हाओय़ाय़ केमन क’रे खवर ये
तार पौँछल रे
घर-छाड़ा ओइ मेघेर काने॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aamare daak dilo ke bhitar-paane - Ora je daakte jaane. Aashwine oi shiulishaakhe Moumaachire kemon daake Probhate sourabher gaan. Gharchhaara aaj ghar pelo je, aapon mone roilo moje. Haaway haaway kemon kore khabor se taar pnoucholo re Ghar-chhaara oi megher kaane.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1921(১৩২৮)
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