आमाय़ थाकते दे-ना आपन-मने
Amay thakte de na
प्रेम
आमाय़ थाकते दे-ना आपन-मने।
सेइ चरणेर परशखानि मने पड़े क्षणे क्षणे॥
कथार पाके
काजेर घोरे भुलिय़े राखे के आर मोरे,
तार
स्मरणेर वरणमाला गाँथि वसे गोपन कोणे॥
एइ-ये व्यथार रतनखानि आमार वुके
दिल आनि
एइ निय़े आज
दिनेर शेषे एका चलि तार उद्देशे।
नय़नजले
सामने दाँड़ाइ, तारे साजाइ तारि धने॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aamay thaakte de na aapono-mone. Sei charoner paroshkhaani mone pare khane khane. Kathar paake kaajer ghore bhuliye raakhe ke aar more, Taar smaroner baronmaala gnaathi bose gopan kone. Ei je byathar ratonkhaani aamar buke dilo aani Ei niye aaj diner sheshe eka choli taar uddeshe Nayonjale saamne dnaarai, taare saajai taari dhane.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain / अनादिकुमार दस्तिदारअनादिकुमार दस्तिदार1903–1974Singer and teacher, and one of the notable propagators of Rabindrasangeet. - रचनाकाल
- April 1926(বৈশাখ ১৩৩৩)
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