आमि आछि तोमार सभार दुय़ार-देशे
Ami achhi tomar sabhar
पूजा
५९७
आमि आछि तोमार सभार दुय़ार-देशे,
समय़ हलेइ विदाय़ नेव केँदे हेसे॥
मालाय़
गेँथे ये फुलगुलि दिय़ेछिले माथाय़ तुलि
पापड़ि ताहार पड़वे झरे दिनेर शेषे॥
उच्च आसन ना यदि रय़ नामव नीचे,
छोटो छोटो गानगुलि एइ छड़िय़े पिछे।
किछु तो
तार रइवे वाकि तोमार पथेर धुला ढाकि,
सवगुलि कि सन्ध्या-हाओय़ाय़ यावे भेसे?। यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aami aachhi tomar sabhar duwar-deshe Samoy holei biday nebo knede hese. Maalay gnethe je phulguli diyechhile maathay tuli Paapri taahar porbe jhore diner sheshe. Uchcho aason na jodi roy naambo niche, Chhoto chhoto gaanguli ei chhoriye pichhe. Kichhu to taar roibe baaki tomar pather dhula dhaaki, Sabguli ki sondha haaway jaabe bhese ?
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1918(১৩২৫)
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