आमि सन्ध्यादीपेर शिखा
Ami sandhyadiper shikha
विचित्र
आमि सन्ध्यादीपेर शिखा, अन्धकारेर ललाट-माझे परानु राजटिका॥ तार स्वपने मोर आलोर परश जागिय़े दिल गोपन हरष, अन्तरे तार रइल आमार प्रथम प्रेमेर लिखा॥ आमार निर्जन उৎसवे अम्वरतल हय़ नि उतल पाखिर कलरवे। यखन तरुण रविर चरण लेगे निखिल भुवन उठवे जेगे तखन आमि मिलिय़े याव क्षणिक मरीचिका॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Aami sondhyadiper shikha, Andhokarer lalat-maajhe paranu raajtika. Taar swapone mor aalor parosh jaagiye dilo gopan harosh, Antare taar roilo aamar prothom premer likha. Aamar nirjano utsabe Ambarotal hoyni utal paakhir kalorabe. Jakhon torun robir charon lege nikhil bhuban utthbe jege Takhon aami miliye jaabo khonik morichika.
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- अनादिकुमार दस्तिदारअनादिकुमार दस्तिदार1903–1974Singer and teacher, and one of the notable propagators of Rabindrasangeet.
- रचनाकाल
- 1 January 1924(১৭ পৌষ ১৩৩০)
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