अमल कमल सहजे जलेर कोले
Amal kamal sahoje jaler
पूजा
३२५
अमल कमल सहजे जलेर कोले आनन्दे
रहे फुटिय़ा,
फिरे ना से कभु ‘आलय़ कोथाय़’ वले धुलाय़
धुलाय़ लुटिय़ा॥
तेमनि सहजे आनन्दे हरषित
तोमार माझारे रव निमग्नचित,
पूजाशतदल आपनि से विकशित सव संशय़ टुटिय़ा॥
कोथा आछ तुमि पथ ना खुँजिव कभु,
शुधाव ना कोनो पथिके–
तोमारि माझारे भ्रमिव फिरिव
प्रभु, यखन फिरिव ये दिके।
चलिव यखन तोमार आकाशगेहे
तोमार अमृतप्रवाह लागिवे देहे,
तोमार पवन सखार मतन
स्नेहे वक्षे आसिवे छुटिय़ा॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Amalo kamalo sahoje jalero kole aanonde rahe phutiya, Phire na se kobhu 'Aaloy kothay' bole dhulay dhulay lutiya. Temoni sahaje aanonde haroshito Tomar maajhare rabo nimagnochito, Pujashatodal aaponi se bikoshito sab sangshay tutiya. Kotha aachho tumi patho na khnujibo kobhu, shudhabo na kono pothike - Tomari maajhare bhromibo phiribo probhu, jakhon phiribo je dike. Cholibo jakhon tomar aakashogehe Tomaro amritoprobaho laagibe dehe, Tomar pabon sakhar moton snehe bokkhe aasibe chhutiya.
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