गीत / प्रकृति

ओरे आय़ रे तवे (आय़ रे तवे, मात् रे सवे)

ore aya re tave aya re tave mat re save

प्रकृति
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ओरे   आय़ रे तवे, मात् रे सवे आनन्दे

आज

नवीन प्राणेर वसन्ते॥

     पिछन-पानेर वाँधन
हते   चल् छुटे आज वन्यास्रोते,

     आपनाके आज दखिन-हाओय़ाय़ छड़िय़े दे
रे दिगन्ते॥

वाँधन यत छिन्न करो आनन्दे

आज     नवीन प्राणेर वसन्ते।

     अकूल प्राणेर
सागर-तीरे   भय़ की रे तोर क्षय़-क्षतिरे।

     या आछे रे सव निय़े तोर झाँप
दिय़े पड़् अनन्ते॥

यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।