वैशाखेर एइ भोरेर हाओय़ा आसे मृदुमन्द
Boishakher ei bhorer
प्रकृति
वैशाखेर एइ भोरेर हाओय़ा आसे मृदुमन्द।
आने आमार मनेर कोणे सेइ चरणेर छन्द॥
स्वप्नशेषेर
वाताय़ने हठाৎ-आसा क्षणे क्षणे
आधो-घुमेर-प्रान्त-छोँओय़ा वकुलमालार गन्ध॥
वैशाखेर एइ भोरेर हाओय़ा वहे किसेर हर्ष,
येन रे सेइ उड़े-पड़ा एलो केशेर स्पर्श।
चाँपावनेर काँपन-छले लागे आमार
वुकेर तले
आरेक दिनेर प्रभात हते हृदय़दोलार स्पन्द॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Boishakher ei bhorer haawa aase mridumando. Aane aamar moner kone sei charoner chhando. Swapnoshesher baatayane hatthat-aasa khane khane Aadho-ghumer-praanto-chhowa bokulmaalar gandho. Boishakher ei bhorer haawa bahe kiser harso, Jeno re sei ure-para elo kesher sparso. Chnaapaboner knaapon-chhale laage aamar buker tale Aarek diner probhat hote hridaydolar spando.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1922(১৩২৯)
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