वज्रमानिक दिय़े गाँथा
Bajramanik diye gatha
प्रकृति
वज्रमानिक दिय़े गाँथा, आषाढ़ तोमार माला। तोमार श्यामल शोभार वुके विद्युतेरइ ज्वाला॥ तोमार मन्त्रवले पाषाण गले, फसल फले– मरु वहे आने तोमार पाय़े फुलेर डाला॥ मरोमरो पाताय़ पाताय़ झरोझरो वारिर रवे गुरुगुरु मेघेर मादल वाजे तोमार की उৎसवे। सवुज सुधार धाराय़ प्राण एने दाओ तप्त धराय़, वामे राख भय़ङ्करी वन्या मरण-ढाला॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Bajromanik diye gnaatha, aasharh tomar maala. Tomar shyamol shobhar buke bidduteri jwaala. Tomar montrobale paasan gale, phasol phale - Moru bohe aane tomar paaye phuler daala. Maromaro paatay paatay jharojharo baarir rabe Guruguru megher maadol baaje tomar ki utsabe. Sobuj sudhar dhaaray praan ene daao tapto dhaaray, Baame raakho bhayongkori bonna maron dhaala.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1925(১৩৩২)
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