वसन्त से याय़ ये हेसे, यावार काले
Basanta se jay
प्रेम
वसन्त से याय़ ये हेसे, यावार
काले
शेष कुसुमेर परश राखे वनेर भाले
॥
तेमनि तुमि
यावे जानि, सङ्गे यावे हासिखानि–
अलक हते पड़वे अशोक विदाय़-थाले॥
रइव एका भासन-खेलार नदीर तटे,
वेदनाहीन मुखेर छवि स्मृतिर पटे–
अवसानेर अस्त-आलो तोमार साथि, सेइ तो भालो–
छाय़ा से थाक् मिलनशेषेर अन्तराले॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Basonto se jaay to hese, jaabar kaale Shesh kusumer parosh raakhe boner bhaale. Temni tumi jaabe jaani, songe jaabe haasikhani - Aalok hote porbe ashok biday-thaale Roibo eka bhaasan-khelar nodir tote, Bedonahin mukher chhobi smritir pate - Abosaner asto-aalo tomar saathi, sei to bhaalo - Chhaaya se thaak milanshesher antorale.
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 1939(১৩৪৬)
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