वसन्ते आज धरार चित्त हल उतला
Basante aj dharar
प्रकृति
वसन्ते आज धरार चित्त हल उतला,
वुकेर ’परे दोले दोले दोले दोले रे तार परानपुतला॥
आनन्देरइ
छवि दोले दिगन्तेरइ कोले कोले,
गान दुलिछे दोले दोले गान दुलिछे नील-आकाशेर
हृदय़-उतला॥
आमार दुटि मुग्ध नय़न निद्रा भुलेछे।
आजि आमार हृदय़दोलाय़ के गो दुलिछे।
दुलिय़े दिल
सुखेर राशि लुकिय़े छिल यतेक हासि–
दुलिय़े दिल दोले दोले दुलिय़े दिल जनम-भरा व्यथा अतला॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Basonte aaj dharaar chitto holo utala, Buker pare dole dole dole dole re taar poranputola. Aananderi chhobi dole diganteri kole kole, Gaan dulichhe dole dole gaan dulichhe nil-aakasher hriday-utala. Aamar duti mugdho nayon nidra bhulechhe. Aaji aamar hridaydolay ke go dulichhe. Duliye dilo sukher raasi lukiye chhilo jotek haasi - Duliye dilo dole dole duliye dilo janomo-bhara byatha atola.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 10 February 1914(২৮ মাঘ ১৩২০)
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