ভাসিযে দে তরী তবে নীল সাগরোপরি
Bhasiye de tori
Porishishta
भासिये दे तरी तवे नील सागरोपरि । वहिछे मृदुल वाय, नाचिछे मृदु लहरी ॥ डुवेछे रविर काया, आधो आलो, आधो छाया — आमरा दुजने मिलि याइ चलो धीरि धीरि ॥ एकटि तारार दीप येन कनकेर टिप दूर शैलभुरुमाझे रयेछे उजल करि । नाहि साडा, नाहि शव्द, मन्त्रे येन सव स्तव्ध — शान्तिर छविटि येन की सुन्दर आहा मरि ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Bhaasiye de tori tabe nil saagoropori. Bohichhe mridulo baay, naachichhe mridhu lahori. Dubechhe robir kaaya, aadho aalo, aadho chhaaya - Aamra dhujone mili jaai chalo dhiri dhiri. Ekti taarar deep jeno kanoker tip Dur shoilobhurumaajhe royechhe ujjal kori. Naahi saara, naahi shabdho, montre jeno sab stabdho - Shaantir chhobi jeno ki sundor aaha mori.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Porishishta(পরিশিষ্ট)
- राग
- Desh-Malhar
- ताल
- Tritaal(ত্রিতাল)
- प्रकाशित
- Balok
- स्वरबितान खण्ड
- 35
- स्वरलिपि
- Jyotirindranath Tagore / Protibha Debi
- रचनाकाल
- 1879(১২৮৬)
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