चपल तव नवीन आँखि दुटि
Chapal taba nobin
प्रेम
चपल तव नवीन आँखि दुटि सहसा यत वाँधन हते आमारे दिल छुटि॥ हृदय़ मम आकाशे गेल खुलि, सुदूरवनगन्ध आसि करिल कोलाकुलि। घासेर छोँओय़ा निभृत तरुछाय़े चुपिचुपि की करुण कथा कहिल सारा गाय़े। आमेर वोल, झाउय़ेर दोल, ढेउय़ेर लुटोपुटि – वुकेर काछे सवाइ एल जुटि॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Chapalo tabo nobin aankhi duti Sahosa jato bnaadhon hote aamare dilo chhuti. Hriday mamo aakashe gelo khuli, Sudurbonogandho aasi korilo kolakuli. Ghaaser chhnowa nibhrita toruchhaaye Chupichupi ki korun katha kohilo saara gaaye. Aamer bol, jhauyer dol, dheuyer lutoputi - Buker kaachhe sabai elo juti.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 26 March 1926(১২ চৈত্র ১৩৩২)
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