चिरदिवस नव माधुरी
Chirodibas nabo madhuri
पूजा
५३८
चिरदिवस नव माधुरी, नव शोभा तव विश्वे–
नव कुसुमपल्लव, नव गीत, नव आनन्द॥
नव ज्योति विभासित, नव प्राण विकाशित
नवप्रीतिप्रवाहहिल्लोले॥
चारिदिके
चिरदिन नवीन लावण्य,
तव प्रेमनय़नछटा।
हृदय़स्वामी, तुमि चिरप्रवीण,
तुमि चिरनवीन, चिरमङ्गल, चिरसुन्दर॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Chirodibas nabo maadhuri, nabo sobha tabo bishwe - Nabo kusumopallabo, nabo gito, nabo aanondo. Nabo jyoti bibhaasito, nabo praan bikaashito Nabopritiprobahohillole. Chaari dike chirodin nobin laabonyo, Tabo premnayonochhata. Hridayoswaami, tumi chiroprobin, Tumi chironobin, chiromongal, chirosundaro.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- पूजा · 538(পূজা)
- उप-पर्याय
- सुन्दर(সুন্দর)
- ताल
- चोउताल(চৌতাল)
- संकलन
- गानेर बहि(গানের বহি)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन २२(স্বরবিতান ২২)
- स्वरलिपि
- कांगालिचरण सेन
- रचनाकाल
- 1887(১২৯৪)
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