डाकिछ शुनि जागिनु प्रभु
Dakichho shuni jaginu
पूजा
डाकिछ शुनि जागिनु प्रभु, आसिनु तव पाशे।
आँखि फुटिल, चाहि उठिल चरणदरश-आशे॥
खुलिल द्वार, तिमिरभार दूर हइल त्रासे।
हेरिल पथ विश्वजगत, धाइल निज वासे॥
विमलकिरण प्रेम-आँखि सुन्दर परकाशे–
निखिल ताय़ अभय़ पाय़, सकल जगत हासे॥
कानन सव फुल्ल आजि, सौरभ तव भासे–
मुग्ध हृदय़ मत्त मधुप प्रेमकुसुमवासे॥
उज्ज्वल यत भकतहृदय़, मोहतिमिर नाशे।
दाओ, नाथ, प्रेम-अमृत वञ्चित तव दासे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Daakichho shuni jaaginu probhu, aasinu tabo paashe. Aankhi phutilo, chaahi utthilo charondarosho-aashe. Khulilo dwaar, timirobhar dur hoilo traase. Herilo path biswajagoto, dhaailo nijo baase. Bimolokirano premo aankhi sundaro parokashe - Nikhil taay abhoy paay, sakalo jagoto haase. Kaanon sob phulla aaji, sourabho tabo bhaase - Mugdha hridayo mattyo modhupo premokusumobaase. Ujjwalo jato bhakotohridayo, mohotimiro naashe. Daao, naath, prem amrito bonchito tabo daase.
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