দেখ্ চেয়ে দেখ্ তোরা জগতের উৎসব
Dekh cheye dekh tora
Puja O Prarthana
देख् चेय़े देख् तोरा जगतेर उৎसव। शोन् रे अनन्तकाल उठे जय़-जय़ रव॥ जगतेर यत कवि ग्रह तारा शशी रवि अनन्त आकाशे फिरि गान गाहे नव नव। की सौन्दर्य अनुपम ना जानि देखेछे तारा, ना जानि करेछे पान की महा अमृतधारा। ना जानि काहार काछे छुटे तारा चलिय़ाछे– आनन्दे व्याकुल येन हय़ेछे निखिल भव। देख् रे आकाशे चेय़े, किरणे किरणमय़। देख् रे जगते चेय़े, सौन्दर्यप्रवाह वय़। आँखि मोर कार दिके चेय़े आछे अनिमिखे– की कथा जागिछे प्राणे केमने प्रकाशि कव॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Dekh cheye dekh tora jagoter utsab. Shon re anontokal utthe joy-joy rab. Jagoter jato kobi groho taara shoshi robi Anonto aakashe phiri gaan gaahe nabo nabo. Ki soundarjo anupamo na jaani dekhechhe taara, Na jaani korechhe paan ki maha amritodhaara. Na jaani kaahar kaachhe chhute taara chholiyachhe - Aanonde byakul jeno hoyechhe nikhilo bhabo. Dekh re aakashe cheye, kirane kiranomoy. Dekh re jagote cheye soundarjoprobaho boy. Aankhi mor kaar dike cheye aachhe animikhe - Ki katha jaagichhe praane kemone prokasi kabo.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Puja O Prarthana · 8(পূজা ও প্রার্থনা)
- ताल
- Jhaptaal(ঝাঁপতাল)
- घराना
- Hindustani
- संकलन
- Robichhaya
- प्रकाशित
- Tatwabodhini Patrika
- स्वरबितान खण्ड
- 45
- स्वरलिपि
- Indira Debi Chowdhurani
- रचनाकाल
- 1882(১২৮৯)
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