ধিক্ ধিক্ ওরে মুগ্ধ, কেন চাস্ ফিরে ফিরে
Dhik dhik ore mugdho
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धिक् धिक् ओरे मुग्ध, केन चास् फिरे फिरे । ए ये दूषित निष्ठुर स्वप्न, ए ये मोहवाष्पघन कुज्जाटिका— दीर्ण करिवि ना कि रे । अशुचि प्रेमेर उच्छिष्टे निदारुण विष— लोभ ना राखिस प्रेतवास तोर भग्न मन्दिरे । निर्मम विच्छेदसाधनाय पापक्षालन होक— ना कोरो मिथ्या शोक, दुःखेर तपस्वी रे— स्मृतिशृङ्खल करो छिन्न— आय वाहिरे, आय वाहिरे ।
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Dhik dhik ore mughdho, keno chaas phire phire. E je dushito nisttur swapno, E je mohobaspoghano kujjhotika - Dirno korebe na ki re. Asuchi premer uchchhisthe Nidarun bish - Lobh na raakhis Pretobaas tor bhagno mondire. Nirmom bichchhedosaadhonay Paapokhalon hok - Na koro mithya shok, Dukher tapposwi re - Smitishrinkhal karo chinno - Aay baahire, Aay baahire.
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- 1938(১৩৪৫)
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