दुःखेर वरषाय़ चक्षेर जल येइ नामल
Dukkher barosay chokkher
पूजा
दुःखेर वरषाय़ चक्षेर जल येइ नामल वक्षेर दरजाय़ वन्धुर रथ सेइ थामल॥ मिलनेर पात्रटि पूर्ण ये विच्छेद -वेदनाय़ ; अर्पिनु हाते तार, खेद नाइ आर मोर खेद नाइ॥ वहुदिनवञ्चित अन्तरे सञ्चित की आशा, चक्षेर निमेषेइ मिटल से परशेर तिय़ाषा। एत दिने जानलेम ये काँदन काँदलेम से काहार जन्य। धन्य ए जागरण, धन्य ए त्रन्दन, धन्य रे धन्य॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Dukkher baroshay chokkhero jalo jei naamlo Bokkhero darojay bondhur ratho sei thaamlo. Milaner paatroti purno je bichhedo-bedonay; Orpinu haate taar, khed naai aar mor khed naai. Bohudinobonchito antore sonchito ki aasha, Chokkhero nimesei mitlo se parosher tiyasa. Eto dine jaanlem je knaadon knaadlem se kaahar jonyo. Dhonyo e jaagoran, dhonyo e krandan, dhonyo re dhonyo.
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- दिनेंद्रनाथ ठाकुर
दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- July 1914(শ্রাবণ ১৩২১)
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