দুঃখের যজ্ঞ-অনল-জ্বলনে জন্মে যে প্রেম
Dukkher joggo anal 2
Mayar Khela दृश्य 7
दुःखेर यज्ञ-अनल-ज्वलने जन्मे ये प्रेम दीप्त से हेम, नित्य से निःसंशय, गौरव तार अक्षय ॥ दुराकाङ्क्षार परपारे विरहतीर्थे करे वास येथा ज्वले क्षुव्ध होमाग्निशिखाय चिरनैराश— तृष्णादाहनमुक्त अनुदिन अमलिन रय । गौरव तार अक्षय ॥ अश्रु-उৎस-जल-स्नाने तापस ज्योतिर्मय आपनारे आहुति-दाने हल से मृत्युञ्जय । गौरव तार अक्षय ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Dukher joggo-anol-jwalone jonme je prem Dipto se hem - Nityo se nihsangsoy, Gourab taar akkhoy. Durakankhar paropaare birahotirthe kare baas Jetha jwole khubdho homangishikhay chironoirash - Trishnadaahonomukto anudin amolin roy. Gourab taar akkhoy. Oshru-utso-jalo-snaane tapos jyotirmoy. Aaponare aahuti-daane holo se mritunjoy. Gourab taar akkhoy.
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यूट्यूब पर
- पर्याय
- Mayar Khela(মায়ার খেলা)
- ताल
- Kaharwa(কাহারবা)
- संकलन
- Maayar Khela
- स्वरबितान खण्ड
- 48 (Maayar Khela)
- स्वरलिपि
- Shailajaranjan Majumdar
- रचनाकाल
- 1938(১৩৪৫)
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