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दूरे कोथाय़ दूरे दूरे
आमार मन वेड़ाय़ गो घुरे घुरे।
ये वाँशिते वातास काँदे सेइ वाँशिटिर सुरे सुरे॥
ये पथ सकल देश पाराय़े उदास हय़े याय़ हाराय़े
से पथ वेय़े काङाल परान येते चाय़ कोन् अचिन पुरे॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Dure kothay dure dure
Aamar mon beray go ghure ghure.
Je bnaashite baatas knaade sei bnaashitir sure sure.
Je path sakol desh paaraye udas hoye jaay haaraye
Se path beye kaangal poran jete chaay kon achin pure.
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सुधीर चंद्र करसुधीर चंद्र कर1906–1977Rabindranath's personal scribe in his last years: when illness kept the poet from writing, he dictated and Sudhirchandra set it down.
रचनाकाल
1911(১৩১৮)
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