দুটি প্রাণ এক ঠাঁই
Duti pran ek
Aanushthanik
दुटि प्राण एक ठाँइ तुमि तो एनेछ डाकि,
शुभकार्ये जागितेछे तोमार प्रसन्न आँखि॥
ए जगतचराचरे वेँधेछ ये प्रेमडोरे
से प्रेमे वाँधिय़ा दोँहे स्नेहछाय़े राखो ढाकि॥
तोमारि आदेश लय़े संसारे पशिवे दोँहे,
तोमारि आशिस वले एड़ाइवे माय़ामोहे।
साधिते तोमार काज दुजने चलिवे आज,
हृदय़े मिलावे हृदि तोमारे हृदय़े राखि॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Duti praan ek thhnaai tumi to enechho daaki, Shubhokaarje jaagitechhe tomar prosanno aankhi. E jagotcharachare bendhechho je premodore Se preme bnaadhiya dnohe snehochhaaye raakho dhaaki. Tomari aadesh loye songsare poshibe dnohe, Tomari aashish bale eraaibe maayamohe. Saadhite tomar kaaj dujane cholibe aaj, Hridaye milaabe hridi tomar hridaye raakhi.
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- Aanushthanik · 4(আনুষ্ঠানিক)
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- स्वरबितान खण्ड
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- स्वरलिपि
- Indira Debi Chowdhurani
- रचनाकाल
- 1885(১২৯২)
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