५४३
एकि ए सुन्दर शोभा! की मुख हेरि ए!
आजि मोर घरे आइल हृदय़नाथ,
प्रेम-उৎस उथलिल आजि॥
वलो हे
प्रेममय़ हृदय़ेर स्वामी,
की धन तोमारे दिव उपहार।
हृदय़ प्राण लहो लहो तुमि, की वलिव–
याहा-किछु आछे मम सकलइ लओ हे नाथ॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Eki e sundaro sobha ! Ki mukh heri e !
Aaji mor ghare aailo hridayonaath,
Prem utso utholilo aaji.
Balo hey premomoy hridoyer swaami,
Ki dhano tomare dibo upohaar.
Hridayo praan laho laho tumi, ki bolibo -
Jaaha kichhu aachhe mamo sakoli lawo hey naath.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें।सभी प्लान देखें →Patreon से साइन इन करें