ए पथे आमि-ये गेछि वार वार
E pothe ami je
प्रेम
ए पथे आमि-ये गेछि वार वार,
भुलि नि तो एक दिनओ।
आज कि घुचिल चिह्न ताहार, उठिल
वनेर तृण॥
तवु मने मने जानि नाइ
भय़, अनुकूल वाय़ु सहसा ये वय़–
चिनिव तोमाय़ आसिवे समय़, तुमि ये आमाय़ चिन॥
एकेला येताम ये प्रदीप हाते
निवेछे ताहार शिखा।
तवु जानि मने तारार भाषाते
ठिकाना रय़ेछे लिखा।
पथेर धारेते फुटिल ये
फुल जानि जानि तारा भेङे देवे भुल–
गन्धे तादेर गोपन मृदुल सङ्केत आछे लीन॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
E pathe aami je gechhi baar baar, bhuli ni to ek dino. Aaj ki ghuchilo chinho taahar, utthilo boner trino. Tobu mone mone jaani naai bhoy, anukul baayu sahosa je boy - Chinibo tomay aasibe samay, tumi je aamare chino. Ekla jetam je prodip haate nibechhe taahar shikha. Tobu jaani mone taarar bhaasate tthikana royeche likha. Pather dhaarete phutilo je phul jaani jaani taara bhange debe bhul - Gandhe taader gopan mridul sonket aachhe lin.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1926(১৩৩৩)
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