एवार अवगुण्ठन खोलो
Ebar abogunthon kholo
प्रकृति
एवार अवगुन्ठन खोलो।
गहन मेघमाय़ाय़ विजन वन छाय़ाय़
तोमार आलसे अवलुन्ठन सारा हल॥
शिउलिसुरभि राते विकशित ज्योৎस्नाते
मृदु
मर्मरगाने तव मर्मेर वाणी वोलो॥
विषाद-अश्रुजले मिलुक शरमहासि–
मालतीवितानतले वाजुक वँधुर वाँशि।
शिशिरसिक्त वाय़े विजड़ित आलोछाय़े
विरह-मिलने-गाँथा नव प्रणय़दोलाय़
दोलो॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ebaar abogunthano kholo. Gahono meghomaayay bijano bonochaayay Tomaro aalose abolunthano saara holo. Shiulisurobhi raate bikoshito jotsnate Mridu marmarogaane tabo marmero baani bolo. Bishado-oshrujale miluk sharomohaasi - Maalotibitanotale baajuk bnodhur bnaashi. Shishirosikto baaye bijorito aalochhaaye Biraho-milane-gnaatha nabo pronayodolay dolo.
मेरा नोट
निजी नोट आपकी योजना में शामिल नहीं हैं।सदस्य बनें →
इसके लिए उच्च योजना चाहिए — अधिक मासिक प्ले और एक्सपोर्ट, गाने की स्वरलिपि तथा स्केल, वाद्ययंत्र, ताल और लय नियंत्रण के लिए अपग्रेड करें। सभी प्लान देखें → Patreon से साइन इन करें
यूट्यूब पर
- पर्याय
- प्रकृति · 162(প্রকৃতি)
- उप-पर्याय
- शरत(শরত)
- राग
- देश्-मल्हर(দেশ-মল্হার)
- ताल
- दद्र(দাদরা)
- घराना
- हिन्दुस्तानी(হিন্দুস্তানি)
- ऋतु
- शरद(শরৎ)
- प्रकाशित
- शन्तिनिकेतन पत्रिक(শান্তিনিকেতন পত্রিকা)
- स्वरबितान खण्ड
- स्वरबीतन ३०(স্বরবিতান ৩০)
- स्वरलिपि
- अनादिकुमार दस्तिदारअनादिकुमार दस्तिदार1903–1974Singer and teacher, and one of the notable propagators of Rabindrasangeet.
- रचनाकाल
- 1923(১৩৩০)
AI अनुवाद
अभी कोई अनुवाद नहीं — नीचे कोई भाषा चुनकर AI से अनुवाद बनाएँ।
भाषाएँ
प्रीमियम भाषाएँ
AI-निर्मित
अनुवाद बन रहा है…
इस समय अनुवाद नहीं बनाया जा सका। फिर से प्रयास करें।