एवार रङिय़े गेल हृदय़गगन
Ebar rongiye gelo
पूजा
५६८
एवार रङिय़े गेल हृदय़गगन साँझेर रङे।
आमार सकल
वाणी हल मगन साँझेर रङे॥
मने लागे दिनेर परे पथिक एवार आसवे घरे,
आमार पूर्ण हवे पुण्य लगन साँझेर रङे॥
अस्ताचलेर सागरकूलेर एइ वातासे
क्षणे क्षणे चक्षे आमार तन्द्रा आसे।
सन्ध्यायूथीर गन्धभारे पान्थ यखन आसवे
द्वारे
आमार आपनि हवे निद्राभगन साँझेर रङे॥ यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ebaar rongiye gelo hridayogagon snaajher range. Aamar sakol baani holo magon snaajher range. Mone laage diner pore pothik aabar aasbe ghare, Aamar purno habe punyo lagon snaajher range. Astacholer saagorkuler ei baatase Khane khane chokkhe aamar tandra aase. Sondhajuther gandhobhaare paantho jakhon aasbe dwaare Aamar aapni habe nidrabhagon snaajher range.
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दिनेंद्रनाथ ठाकुर1882–1935Rabindranath's grand-nephew and the principal notator of his songs — the poet called him the keeper of all his songs. Taught music at Santiniketan.Photographer unknown, c. 1935 · Wikimedia Commons, public domain - रचनाकाल
- 1919(১৩২৬)
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