एवार तो यौवनेर काछे
Ebar to jouboner kachhe
प्रकृति
एवार तो यौवनेर काछे मेनेछ हार मेनेछ? ‘मेनेछि’। आपन-माझे नूतनके आज जेनेछ? ‘जेनेछि’॥ आवरणके वरण करे छिले काहार जीर्ण घरे? आपनाके आज वाहिर करे एनेछ? ‘एनेछि’॥ एवार आपन प्राणेर काछे मेनेछ हार मेनेछ? ‘मेनेछि’। मरण-माझे अमृतके जेनेछ? ‘जेनेछि’। लुकिय़े तोमार अमरपुरी धुला-असुर करे चुरि, ताहारे आज मरण-आघात हेनेछ? ‘हेनेछि’॥
यह गीत का अनुवाद नहीं, केवल बांग्ला बोलों का देवनागरी लिप्यंतरण है। अनुवाद के लिए अनुवाद टैब देखें।
लिप्यंतरण
Ebaar to joubanero kaachhe Menechho, haar menechho ? 'Menechhi'. Aapon-maajhe nutanke aaj jenechho ? 'Jenechhi'. Aaboranke baron kore Chhile kaahar jirno ghare ? Aaponake aaj baahir kore enechho ? 'Enechhi'. Ebaar aapon praaner kaachhe Menechho, haar menechho ? 'Menechhi'. Maron-maajhe amritoke jenechho ? 'Jenechhi'. Lukiye tomar amorpuri Dhula-osur kare churi, Taahare aaj maron-aaghat henechho ? 'Henechhi'.
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- शैलजरंजन मजुमदारशैलजरंजन मजुमदार1900–1992A teacher of chemistry at Visva-Bharati who became one of the great teachers of Rabindrasangeet, and the notator of many songs of the poet's last years.
- रचनाकाल
- 25 February 1915(১৩ ফাল্গুন ১৩২১)
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